The affix ḍhak comes in the sense of a descendant after the stems śubhra etc.,
This debars इञ् and other affixes. The word च in the sutra shows that some words not occuring in the list of शुभ्रादि may take the ढक्, as it is an आकृतिगणः ॥ For though the words गंगा, पांडव are not in the list, we find still forms like गांगेयः, पाण्डवेयः &c.
Thus शुभ्रस्यापत्यं = शौभ्रेयः ॥
1 शुभ्र 2 विष्ट पुर (विष्टपुर), 3 ब्रह्मकृत 4 शतद्वार, शलाथल, (शलाचल) 6 शलाकाभ्रू, 7 लेखाभ्रु, (लेखाभ्र), 8 विकंसा, (विकास), 9 रोहिणी, 10 रुक्मिणी, 11 धर्मिणी, 12 दिश्, 13 शालूक, 14 अजवस्ति, 15 शकंधि, 16 विमातृ, 17 विधवा, 18 शुक, 19 विश, 20 देवतर 21 शकुनि, 22 शुक्र, 23 उग्र, 24 ज्ञातल (शतल) 25 बन्धकी, 26 सृकण्डु, 27 विस्रि, 28 अतिथि, 29 गोदन्त, 30 कुशाम्ब, 31 मकष्टु, 32 शाताहर, 33 पवष्टुरिक, 34 सुनामन्, 35 लक्ष्मणश्यामयोर्वासिष्ठे । 36 गोधा, 37 कृकलास, 38 अणीब, 39 प्रवाहण, 40 भरत (भारत) 41 भरम; 42 मृकण्डु, 43 कर्पूर, 44 इतर, 45 अन्यतर, 46 आलीढ, 47 सुदन्त, 48 सुदक्ष, 49 सुवक्षस्, 50 सुदामन्, 51 कद्रु, 52 तुद, 53 अकशाय, 54 कुमारिका, 55 कुठारिका, 56 किशोरिका, 57 अम्बिका, 58 जिह्माशिन्, 59 परिधि, 60 वायुदत्त; 61 शकल, 62 शलाका, 63 खडूर, 64 कुबेरिका, 65 अशोका, 66 गन्धपिङ्गला, 67 खडोन्मत्ता, 68 अनुदष्टिन्, (अनुद्रष्टि) 69 जरतिन्, 70 बलीवर्दिन्, 71 विग्र, 72 वीज, 73 जीव, 74 श्वन्, 75 अश्मन्, 76 अश्व, 77 अजिर 78 शतावर, 79 शलाका, 80 कृकसा, 81 भरत, 82 मद्यष्टु, 83 ककल, 84 स्थूल, 85 मकथु, 86 यमष्टु, 87 कष्टु, 88 मृकण्ड, 89 गुद, 90 रुद, 91 कुशेरिका, 92 शवल, 93 अजिन ॥,
