The affixes vidhal and bhaktal come respectively after the words bahauriki and aiṣukāri etc. in the sense of 'sphere of country'.,
This debars अण् ॥ Thus भौरिकिविधः, वैपेयविधः &c. ऐषुकारिभक्तः, सारस्यायनभक्तः &c.
1 भौरिकि, 2 भौलिकि, 3 चौपयत, 4 चैटयत (चौटयत), 5 काणेय, 6 वाणिजक, 7 वालिकाज्य (वाणिकाज्यः वालिज, वालिज्यक), 8 सैकयत (शैकयत.), 9 वैकयत. 10 वैपेय.
1 ऐषुकारि, 2 सारस्यायन (सारसायन), 3 चान्द्रायण, 4 द्व्याक्षायण, 5 त्र्याक्षायण (त्र्यायण), 6 औडायन, 7 जौलायन, 8 खाडायन, 9 दासमित्रि, 10 दासमित्रायण, 11 शौद्रायण (शौद्राण), 12 दाक्षायण, 13 शायण्डायन, 14 तार्क्ष्यायण, 15 शौभ्रायण, 16 सौवीर, 17 सौवीरायण, 18 शयण्ड, 19 शौण्ड, 20 शयाण्ड, 21 वैश्वमानव, 22 वैश्वधेनव, 23 नड (नद) 24 तुण्डदेव, 25 विश्वदेव (विशदेव and वैश्वदेव), 26 तापिण्डि. 27 शौण्डि, 28 सायण्डि, 29 अलायत, 30 औलालायत.,
